
सिवनी। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के तहत अनुग्रह सहायता के लंबित मामलों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। योजना के प्रकरणों में अनावश्यक देरी पाए जाने पर 102 अधिकारी एवं कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने समय-सीमा बैठक में योजना की समीक्षा के दौरान लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। समीक्षा में 100 दिनों से अधिक समय से लंबित 136 प्रकरण, 300 दिनों से अधिक पुराने 19 प्रकरण तथा 500 दिनों से अधिक समय से लंबित 4 प्रकरण सामने आए।
कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना शासन की महत्वपूर्ण हितग्राही योजना है, जिसके अंतर्गत पात्र परिवारों को समय पर अनुग्रह सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनावश्यक विलंब शासन की मंशा के विपरीत होने के साथ-साथ जरूरतमंद हितग्राहियों के हितों की भी अनदेखी है।
निर्देशों के पालन में जिला पंचायत सिवनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों के 89 ग्राम पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इनमें जनपद पंचायत लखनादौन के 30, सिवनी के 29, केवलारी के 10, धनोरा के 6, छपारा के 5, बरघाट के 5 तथा कुरई के 4 सचिव शामिल हैं।
वहीं शहरी क्षेत्रों में नगर पालिका परिषद सिवनी के 12 वार्ड प्रभारियों तथा नगर परिषद केवलारी के 1 वार्ड प्रभारी को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करते हैं या लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।









